देवसेना का गीत (दक्षता)

टेस्ट के लिए अपनी जानकारी देना जरूरी नहीं है।

अगर आप क्विज के रिज़ल्ट में अपना नाम देखना चाहते हैं तो ही अपनी जानकारी लिखें अन्यथा खाली छोड़कर Next बटन दबा दें।

 

JOIN WHATSAPP CHANNEL JOIN TELEGRAM CHANNEL

Created by hindigyan

देवसेना का गीत (दक्षता)

1 / 10

1. कथन (A): देवसेना के गीतों में करुणा का स्वर प्रधान है।

कारण (R): उसने अपने परिवार और देश के लिए बहुत बड़े बलिदान दिए हैं।

2 / 10

2. कथन (A): स्कंदगुप्त द्वारा अंत में प्रेम निवेदन करने पर देवसेना उसे स्वीकार कर लेती है।

कारण (R): देवसेना आजीवन स्कंदगुप्त से ही प्रेम करती रही थी।

3 / 10

3. कथन (A): देवसेना का गीत छायावादी कविता का उत्तम उदाहरण है।

कारण (R): इसमें व्यक्तिनिष्ठता, वेदना और प्रकृति का मानवीकरण किया गया है।

4 / 10

4. कथन (A): देवसेना अपनी 'मधुकरियों की भीख' लुटा देना चाहती है।

कारण (R): उसने अपना सारा जीवन दूसरों की सेवा में अर्पित कर दिया था।

5 / 10

5. कथन (A): देवसेना ने अपनी हार को स्वीकार कर प्रलय से लोहा लेना छोड़ दिया है।

कारण (R): वह कहती है कि 'प्रलय स्वयं टकराता है' और वह निर्बल है।

6 / 10

6. कथन (A): 'विजया' देवसेना की प्रतिद्वंद्वी जैसी थी।

कारण (R): स्कंदगुप्त विजया के प्रति आकर्षित था।

7 / 10

7. कथन (A): देवसेना ने अपने जीवन के अंतिम क्षणों में 'आशा' को विदा दे दी है।

कारण (R): वह स्कंदगुप्त के प्रेम में पूरी तरह सफल हो गई थी।

8 / 10

8. कथन (A): कविता में 'आँसू' देवसेना की हार व निराशा के प्रतीक हैं।

कारण (R): वह अपनी परिस्थितियों और नियति से पूरी तरह हार मान चुकी है।

9 / 10

9. कथन (A): 'लगी सतृष्ण दीठ थी सबकी' में देवसेना की लोकप्रियता की बात है।

कारण (R): वह मालवा की राजकुमारी होने के नाते सबकी आकर्षण का केंद्र थी।

10 / 10

10. कथन (A): कविता में 'श्रमित स्वप्न की मधुमाया' पद देवसेना की वर्तमान स्थिति को दर्शाता है।

कारण (R): देवसेना जीवन के संघर्षों से थक चुकी है और अब केवल विश्राम चाहती है।

Your score is

0%

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.