कक्षा 11 » संध्या के बाद – टेस्ट/क्विज

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संध्या के बाद (टेस्ट)

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कक्षा 11 : अंतरा : अंतराल

संध्या के बाद (कविता - पंत)

1 / 105

'कम करती उजियाला' - पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

2 / 105

कवि के अनुसार संध्या-समय मंदिर में क्या बजता है?

3 / 105

'हुआँ-हुआँ करते सियार' - पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

4 / 105

कवि के अनुसार गाँव का दुकानदार पैसा कमाने की होड़ में क्या करता है?

5 / 105

कवि ने किसे पापों की जननी माना है?

6 / 105

किनके मन की न दिखने वाली पीड़ा नदी की धीमी-धीमी धारा में बह जाती है?

7 / 105

गाँव के दुकानदार द्वारा कंधों पर फटे कपड़े की बनी गुदड़ी डालना किसका प्रतीक है?

8 / 105

निम्न में से किसे दीप शिखा-सा ज्वलित कहा गया है?

9 / 105

'मंद पवन में तिरती नीली रेशम की-सी हलकी जाली' - पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

10 / 105

कवि के अनुसार अनिल पिघलकर क्या बन गया है?

11 / 105

'चिर क्षुधित पिपासा, मृत अभिलाषा' इस पंक्ति में अलंकार है -

12 / 105

कविता में आए निम्नलिखित उपमानों में से कौन-सा सही है?

  1. बगुलों-सी – वृद्ध औरतें
  2. स्वर्ण चूर्ण-सी – गायों के पाँव से उड़ने वाली गोधूलि
  3. सनन् तीर-सा – कंठों का स्वर

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'हिम की ऊँघ रही लंबी अँधियारी!' - पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

14 / 105

'लो, लाला ने फिर डंडी मारी!' पंक्ति में रेखांकित का अर्थ है -

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'स्वर्ण चूर्ण-सी उड़ती गोरज’ - इस पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

16 / 105

कवि के अनुसार साँझ की लाली कहाँ बैठ गई है?

17 / 105

'तट पर बगुलों-सी वृद्धाएँ' - पंक्ति में ............................ अलंकार है।

18 / 105

'सकुची-सी परचून' में ........................ अलंकार है।

19 / 105

'जीवन उन्नति के सब साधन?' इस पंक्ति में अलंकार है -

20 / 105

कवि नई व्यवस्था में किस आधार पर आमदनी के वितरण की बात करता है?

21 / 105

'सनन् तीर-सा जाता नभ में’ - इस पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

22 / 105

कविता में आए निम्नलिखित उपमानों में से कौन-सा सही है?

  1. ज्योति स्तंभ-सा – सूरज
  2. केंचुल-सा – गंगा का जल
  3. दीपशिखा-सा – कलश

23 / 105

संध्या के समय लौटती गायों के खुरों से उड़ने वाली धूल किस प्रकार सुनहरी हो जाती है?

24 / 105

कवि के अनुसार नदी में चमकता सूर्य प्रकाश किस प्रकार दिखाई देता है?

25 / 105

'लौटे कृषक श्रांत श्लथ डग धर' - पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

26 / 105

कवि के अनुसार संध्या समय मंदिर में शंख-घंटे बजने से क्या होता है?

27 / 105

कवि के अनुसार सूर्य ज्योति स्तम्भ-सा कहाँ धँस जाता है?

28 / 105

कवि सर्दियों की रात का वर्णन किस प्रकार करता है?

29 / 105

'तट पर बगुलों-सी वृद्धाएँ' - कवि ने वृद्धाओं को बगुलों जैसा क्यों कहा है?

30 / 105

संध्या के समय लौटती गायों के खुरों से उड़ने वाली धूल सूर्य के प्रकाश से कैसी हो जाती है?

31 / 105

'कौड़ी-की स्पर्धा में मर-मर!' इस पंक्ति में अलंकार है -

32 / 105

'बृहद् जिह्म विश्लथ केंचुल-सा
लगता चितकबरा गंगाजल!'

- पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

33 / 105

'दरिद्रता पापों की जननी'  - पंक्ति में अलंकार है -

34 / 105

'संध्या के बाद' कविता के कवि हैं -

35 / 105

'अपनी-अपनी सोच रहे जन' - पंक्ति में अलंकार है -

36 / 105

क्या आकाश में तीर के समान सनन-सनन करते हुए निकल जाता है?

37 / 105

कवि के अनुसार नदी के नीले जल पर सूर्य की कैसी आभा से चमकते बादलों का प्रतिबिंब पड़ रहा है।

38 / 105

'मौन मंद आभा में' - पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

39 / 105

कवि किस प्रकार के सामाजिक जीवन की कल्पना करता है?

40 / 105

'उड़ती पंखों की गति-सी चित्रित’ - इस पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

41 / 105

'घुसे घरौंदों में मिट्टी के' - पंक्ति में अलंकार है -

42 / 105

कवि के अनुसार हवा चलने से नदी किनारे की रेत की आकृति कैसी हो गई है?

43 / 105

कवि के अनुसार धोखा देने पर भी दुकानदार को कौन-सा सुख नहीं मिल पाता?

44 / 105

कवि के अनुसार किस कारण से झरने स्वर्णिम धाराओं में बहते प्रतीत होते हैं?

45 / 105

बनिये के कंधे से गुदड़ी सरक जाने से क्या होता है?

46 / 105

किसका जीवन दुख की परिभाषा बन गया है?

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कवि के अनुसार लाला बात-बात में झूठ क्यों बोलता है?

48 / 105

'दीप शिखा-सा ज्वलित कलश
नभ में उठकर करता नीराजन'

  • इस पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

49 / 105

छोटी बस्ती में दुकानदार के सुख-दुख किस प्रकार मँडराते है?

50 / 105

'बृहद् जिह्म विश्लथ केंचुल-सा' - पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

51 / 105

'रहते स्वच्छ सुघर सब परिजन?' - पंक्ति में अलंकार है -

52 / 105

'क्षीण ज्योति ने चुपके ज्यों' - पंक्ति में ..................... अलंकार है।

53 / 105

गाँव का दुकानदार किसके समान दिनभर दुकान की गद्दी पर बैठा रहता है।

54 / 105

'भूँक-भूँककर लड़ते कूकर' - पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

55 / 105

गाँव का दुकानदार दुःखी क्यों रहता है?

56 / 105

कवि के अनुसार संध्या के समय कृषक किस अवस्था में घर लौटते हैं?

57 / 105

कवि सर्दियों की रात का वर्णन किस प्रकार करता है?

58 / 105

'आर्द्र ध्वनि से नीरव नभ करती मुखरित’ - इस पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

59 / 105

''झूल रही निशि छाया गहरी'' - पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

60 / 105

गाँव के छोटे-छोटे व्यापारियों की परचून की दुकाने सकुची-सी क्यों लगती हैं?

61 / 105

कवि के अनुसार बनिया दुखी होकर क्या सोच रहा है?

62 / 105

कवि के अनुसार संध्या समय कौन शांत आकाश में गुंजार करती है?

63 / 105

'सिकता, सलिल, समीर सदा से' - पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

64 / 105

'टिन की ढबरी' क्या करती है?

65 / 105

कवि के अनुसार गाँव के बाजार से व्यापारी अपने-अपने घर कैसे लौटते हैं?

66 / 105

''नभ के नीचे नभ-सी धूमाली'' - पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

67 / 105

'सिकता, सलिल, समीर सदा से स्नेह पाश में बँधे समुज्ज्वल' - पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

68 / 105

विधवा वृद्धाओं का मन का रुदन कहाँ बह जाता है?

69 / 105

'स्नेह पाश में बँधे समुज्ज्वल' - इस पंक्ति में कवि किसके स्नेह पाश में बंधे होने की कल्पना करता है?

70 / 105

'शहरी बनियों-सा वह भी उठ' इस पंक्ति में अलंकार है -

71 / 105

'किरणों की बादल-सी जलकर’ - इस पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

72 / 105

'सोच रहा बस्ती का बनिया' - पंक्ति के आधार पर बताएँ कि बनिया क्या सोच रहा है?

73 / 105

'दूर तमस रेखाओं-सी’ - इस पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

74 / 105

'दीप शिखा-सा ज्वलित कलश' - पंक्ति में ............................ अलंकार है।

75 / 105

कवि के अनुसार साँझ रूपी पक्षी ने अपने क्या सिमटा लिए हैं?

76 / 105

'छाया भी हो गई अगोचर' - पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

77 / 105

'रेशम की-सी हलकी जाली' - पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

78 / 105

कवि के अनुसार कौन अंधकार की रेखाओं जैसा प्रतीत होता है?

79 / 105

सोन पक्षियों की पंक्ति किस प्रकार शांत आकाश में गुंजार करती है?

80 / 105

'प्रजा सुखी हो देश देश की!'  - पंक्ति में अलंकार है -

81 / 105

'लवोपल' - का क्या अर्थ है?

82 / 105

'मूक निराशा' में .......................... अलंकार है।

83 / 105

'फूँक दे जो सबमें सामूहिक जीवन?' - पंक्ति में अलंकार है -

84 / 105

'ज्यों गति द्रव खो बन गया लवोपल' - पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

85 / 105

'दैन्य दुःख अपमान ग्लानि' इस पंक्ति में अलंकार है -

86 / 105

'गाढ़ अलस निद्रा का अजगर!' में ...................... अलंकार है।

87 / 105

'लीन हो गई क्षण में बस्ती' - कवि के अनुसार बस्ती कहाँ लीन हो गई है?

88 / 105

'कँप-कँप उठते लौ के संग' - पंक्ति में ................... अलंकार है?

89 / 105

'ज्योति स्तंभ-सा धँस सरिता में' - पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

90 / 105

'जड़ अनाज के ढेर सदृश ही' में ....................... अलंकार है।

91 / 105

कवि के अनुसार वृद्धाएँ नदी तट पर क्या कर रही हैं?

92 / 105

'बात-बात पर झूठ बोलता' इस पंक्ति में अलंकार है -

93 / 105

'सिमटा पंख साँझ की लाली' - पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

94 / 105

कविता के आधार पर बताएँ कि संध्या के समय प्रकृति में क्या-क्या परिवर्तन होते हैं?

95 / 105

'छोटी-सी बस्ती' - पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

96 / 105

कवि के अनुसार सलिल पिघलकर क्या बन गया है?

97 / 105

'ताम्रपर्ण पीपल से' - पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

98 / 105

गाँव के दुकानदार का जीवन दुख की परिभाषा क्यों बन गया है?

99 / 105

दुकानदारों के भयभीत हृदयों में विलाप या रोना क्यों चलता रहता है?

100 / 105

कवि के अनुसार सोन पक्षियों की पंक्ति अपनी चहचाहट से क्या कर देती है?

101 / 105

कवि के अनुसार दूर आकाश में पक्षियों की उड़ती पंक्तियाँ किस जैसी लगती है?

102 / 105

कवि के अनुसार नदी-तट पर तप-ध्यान  में कौन मग्न है?

103 / 105

'बिरहा गाते गाड़ी वाले' - पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

104 / 105

'संध्या के बाद' कविता में कवि क्या चाहता है?

105 / 105

''नभ के नीचे नभ-सी धूमाली'' - पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?

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